मूंग की खेती
मूंग की सामान्य जानकारी
- मूंग का वानस्पतिक नाम विग्ना रेडियटा
- मूंग का कुल लग्युमिनोसी है
- इसका उत्पत्ति स्थल भारत है
- मूंग के गुणसूत्र 2n= 24
- कार्बोहाइड्रेट्स 60% प्रोटीन 25 % और 1.3% वसा पाई जाती है
- सबसे अधिक उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है
जलवायु (Climate)
यह वर्षा ऋतु का पौधा है 60-70 दिन में फसल चक्र पूरा कर लेता है
मूंग का जायद में भी उत्पादन लिया जा सकता है
मृदा (Soil)
दोमट मृदा उपयुक्त होती है जल का निकाल अच्छा होता है
मूंग की बुवाई जून-जुलाई खरीद में होती है और जायद में 10 से 20 मार्च में होती है
कतार से कतार और पौधे से पौधे की दूरी 30X10 सेंटीमीटर रखते हैं
बीज दर (Seed rate)
16 से 20 किलोग्राम पर हेक्टयर है बीज उपचार FIR विधि द्वारा राइजोबियम कल्चर के 3 पैकेट पर हेक्टेयर के हिसाब से होता है स्वपरागण फसल हैं।
किस्में (Varities)
K 851 दाना मोटा चमकीला जल्दी पकने वाली 60 से 65 दिन में यह किस्मत खरीद, जायद में केच के लिए उपयुक्त होती है
SML 668 PAU लुधियाना से विकसित शुष्क खेती खेती के लिए नई किस्में जो 65 दिन में पक कर तैयार हो जाती है
यह किस्म जायद और खरीद हेतु उपयुक्त है
Type- 44 IARI 1998 main Type- 1 x type- 49 प्राप्त है जो केच फसल के लिए अतिउत्तम है
RMG- 268 , RMG- 344 , RMG-62
MUM -2 अधिक उत्पादन देने वाली किस्म गंगा-1 और गंगा-2 ये किस्में सिंचित और असिंचित खेती के लिए उपयुक्त है
IPM-2-03 , S-9 (देरी से बुवाई के लिए उपयुक्त किस्म है)
गन्ने के साथ इंटर क्रॉपिंग के लिए उपयुक्त किस्म पूसा वैशाखी और टाईप-44 है
सिंचाई (Irrigation)
मुंग में पहली सिंचाई 20 से 25 दिन में करते हैं और दूसरी सिंचाई फूल आने के पहले फली बनते समय करना चाहिए
फ्लूक्लोरालीन वैशालीन @ 1 किलोग्राम पर हेक्टेयर PPI बुवाई से 2 से 10 दिन पहले प्रयोग करें या इसकी जगह पेंडी मैथिलीन 1 किलोग्राम पर हेक्टेयर 1000 लीटर पानी में अंकुरण से पूर्व उपयोग करें
रोग प्रबंध (Disease Management)
चित्ती जीवाणु रोग-
गहरे भूरे रंग के धब्बे पहले पत्तों पर दिखाई देते इसके बाद तने पर दिखाई देते है एग्रीमाईसीन या
कॉपर ऑक्सिक्लोराइड @ 0.3 प्रतिशत का छिड़काव करें या
स्ट्रैप्टो साइकिलिंग 15 ग्राम पर हेक्टेयर का छिड़काव करें
पीला मोजेक-
यह वायरस के द्वारा फैलता है व वायरस का फैलना सफेद मक्खी द्वारा होता है
मुंह मूंग उड़द और चवला का मुख्य रोग है
लीफ कर्ल या परनकुंचन रोग-
यह रोग भी वायरस द्वारा होता है और वायरस से संक्रमण फैलता है यह रोग सफेद मक्खी से होता है
मूंग उड़द और चावल का यह मुख्य रोग है
सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा रोग-
कार्बेंडाजिम और तोपसीन @ 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ स्प्रे करें
उपज-
5 से 10 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
किट-
तना मक्खी व कतरा नियंत्रण मेलाथियान 50 सीसी 1.5 एमएम पर लीटर पानी के साथ स्प्रे करें


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